पेटलावद संविधान दिवस (26 नवंबर) के अवसर पर पेटलावद में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और समाज में समरसता स्थापित करने के उद्देश्य से “डॉ. अंबेडकर समरसता समाज सेवा समिति” का गठन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से समिति के पदाधिकारियों का चुनाव किया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब के संघर्ष, विचारधारा और सामाजिक समरसता के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुँचाना बेहद आवश्यक है। वर्तमान समय में समाज में फैली कुरीतियाँ, भेदभाव और असमानता को दूर करने के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं। इसी उद्देश्य से नई समिति अलग-अलग सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएगी।
समिति के उद्देश्य
* समाज में फैली कुरीतियों, अन्याय और भेदभाव को दूर करना
* डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य महापुरुषों के विचार, संघर्ष और योगदान को आमजन तक पहुँचाना
* अनुसूचित जाति वर्ग के महापुरुषों को स्मरण कर उनके जन्म जयंती एवं पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित करना
* वंचित, शोषित, पीड़ित वर्ग के अधिकारों के लिए आवाज उठाना
* झाबुआ जिले में महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करवाने एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करना
* समाज में समरसता, भाईचारा और सद्भाव स्थापित करना
समिति के पदाधिकारी
बैठक में सर्वसम्मति से 10 सदस्यों की समिति गठित की गई। जिसमें अध्यक्ष नेमलाल मेहसन, रूपगढ़ सचिव पत्रकार मुकेश सिसोदिया उपाध्यक्ष जगदीश जाटव एवं राजेश यादव कोषाध्यक्ष मनोज परमार , सह कोषाध्यक्ष जितेंद्र जाटव , संयुक्त सचिव विनोद परमार , एवं सदस्य के रूप में भेरूलाल पडीयार, ओमप्रकाश मालवीय, राहुल अटकान को मनोनीत किया गया ।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने आशा व्यक्त की कि समिति समाज में जागरूकता फैलाकर समरसता एवं सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

