News@ हरीश राठोड़
पेटलावद। नगर परिषद द्वारा आयोजित भैरवनाथ मवेशी मेला 22 नवंबर से प्रारंभ होते ही नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से भारी भीड़ उमड़ रही है। मेले में लगे झूले, चकरी, खानपान की दुकानें तथा मनिहारी वस्तुओं के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। जहां बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने झूले–चकरी का आनंद लिया, वहीं ग्रामीणजन गराड़ू, जलेबी सहित विभिन्न व्यंजनों और खरीदारी का भी खूब लुत्फ उठा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर अव्यवस्थाओं की शिकायतें....
मेले में लगातार कुछ हुड़दंगियों द्वारा माहौल बिगाड़ने की शिकायतें सोशल मीडिया पर सामने आ रही हैं। नागरिकों ने पुलिस प्रशासन एवं नगर परिषद से सुरक्षा और व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
रविवार को अत्यधिक भीड़ के बावजूद दोपहिया वाहनों को मेला परिसर तक आने दिया गया, जिससे रास्तों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन प्रवेश पर रोक और यातायात व्यवस्था सख्ती से लागू की जानी चाहिए।
संस्कृति से जुड़ा मेला, लेकिन इस बार आयोजन सीमित निष्क्रिय....
पेटलावद का पारंपरिक भैरवनाथ मवेशी मेला वर्षों से नगर की संस्कृति और परंपरा को संजोए हुए है। नगर परिषद द्वारा हर वर्ष विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है।
लेकिन इस बार परिषद में चल रहे विवादों के कारण मेला निर्धारित समय से देर से शुरू हुआ, साथ ही कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित नहीं हो पाया। इससे नागरिकों और ग्रामीणों में निराशा देखने को मिली।
नागरिकों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में व्यवस्था में सुधार किया जाएगा, ताकि मेला अपनी परंपरागत पहचान के साथ सुचारू रूप से संपन्न हो सके।




